अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे दांत – What is Oral Hygiene Meaning in Hindi

Oral Hygiene Meaning in Hindi के इस लेख में आपका स्वागत है। Oral Health का ख्याल रखना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, परन्तु बहुत से लोग इसके बारे में उस प्रकार से बात नहीं करते जैसे की शरीर के बाकी हिस्सों के बारे में करते हैं, जबकि ओरल हेल्थ आपके पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। जैसे की दांतों के खराब होने से पेट का प्रभावित होना।

What is Oral Hygiene Meaning in Hindi

Oral Hygiene Meaning in Hindi

ओरल हेल्थ में सबसे जरूरी है ओरल केयर और हाइजीन का खास ख्याल रखना, तो आइए जानते हैं ओरल हेल्थ के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें।

मुँह की समस्याओं के कारण – Causes of oral problems

आपके मुँह में कई प्रकार के बैक्टीरिया उत्पन्न होते हैं जो आपके ओरल स्वास्थ से जुड़ी कई समस्या खड़ा कर सकते हैं, इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं जैसे-

  • मीठा युक्त खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों का निरंतर उपयोग।
  • ठीक से ब्रश न करना।
  • धूम्रपान या तम्बाकू का सेवन करना।
  • डायबिटीज।
  • खाने के बाद कुल्ला न करना।
  • कुछ संक्रमण, जैसे एचआईवी या एड्स जैसी समस्या होना।
  • मुँह में कोई चोट लगना।

इत्यादि इसके प्रमुख कारण होते हैं।

मुँह की समस्याओं के लक्षण -Symptoms of oral problems

वैसे तो सभी को साल में कम से कम 1 से 2 बार डेंटिस्ट (दांत का डॉक्टर) के पास जाकर चेकअप के लिए जरूर जाना चाहिए, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जो खराब ओरल हेल्थ होने का अनुभव करते हैं।

  • ब्रश या फ्लॉसिंग करने के बाद मसूड़ों से खून आना या सूजन होना।
  • सांसों से बदबू आना।
  • प्रत्येक हफ्ते या दो हफ्ते में छाले होना।
  • गर्म या ठंडा का सेवन करते समय दांतों में तेज संवेदना होना।
  • मसूड़ों से खून आना।
  • दांतों में दर्द होना।
  • गालों में सूजन आना।
  • दांतों का ढीला होना।
  • मुँह से दुर्गंध आना।

जैसी कोई भी लक्षण हो तो डेंटिस्ट से जरूर परामर्श लेना चाहिए।

ओरल हाइजीन केयर टिप्स- Tips for Good Oral Hygiene

ओरल केयर के संबंध में हाइजीन रखना आपके दांतों और मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है, दांत न केवल आपके व्यक्तित्व को निखारते हैं बल्कि ठीक से खाना खाने और बोलते समय आपको आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।

इसके लिए कुछ सहायक सुझाव दिए गए हैं-

1. प्रतिदिन दो बार अच्छी तरह से ब्रश करें (Proper Brushing)

  • यदि आप अपने मुँह के स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना चाहते हैं तो दिन में दो बार (सुबह-शाम) ब्रश जरूर करें, और ध्यान रखे की हल्के हाथ से मुँह के कोने कोने तक साफ करें,
  • ब्रश को तेजी से रगड़े नहीं बल्कि हल्के हाथों से मुंह के सभी हिस्सों में घुमाएं,
  • ब्रश करने में 3-4 मिनट का समय दें,
  • ब्रश करने के बाद उंगलियों से मसूड़ों की हल्की-हल्की मालिश करें।

2. मीठे का सेवन कम करें

मीठा हमारे मुँह में विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया उत्पन्न करता है, जो दांतों से चिपक जाते हैं और धीरे धीरे दांतों में सड़न पैदा करने लगते हैं। बच्चों में यह समस्या ज्यादा दिखाई पड़ रही है क्योंकि चॉकलेट और कैंडी में मीठे का ज्यादा इस्तेमाल होता है इसलिए बच्चों का खास ख्याल रखें और मीठा खाने के बाद पानी जरूर पिएं।

3. सही टूथपेस्ट का चयन करें

टूथपेस्ट के स्वाद को बढ़ाने के लिए प्रायः इसमें चीनी मिलाया जाता है, इसलिए ध्यान रखें कि फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट और माउथवॉश का प्रयोग करें। नमक को हल्के गर्म पानी में मिलाकर कुल्ला कर सकते हैं।

4. सही टूथब्रश का चयन

आमतौर पर लोग मुंह साफ करने के लिए किसी भी टूथब्रश का इस्तेमाल कर लेते है, लेकिन ऐसा करना आप को मुंह की अन्य समस्याओं जैसे मसूड़ों से खून आना, मुंह के अंदर छाले हो जाना आदि से ग्रसित कर सकता है।

इसलिए हमेशा नरम बालों(bristle) वाले ब्रश का इस्तेमाल करना उत्तम माना जाता है।

5. खाने के बाद मुँह को साफ करें

खाना खाने के बाद फ्लॉस या टूथपीक जरुर इस्तेमाल करें क्योंकि खाना खाने के बाद दांतों में फ़ूड पार्टिकल फसे रह जाते हैं, जो बाद में सड़न पैदा कर सकता है।

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Conclusion

ओरल हेल्थ के लिए मानसिक रूप से इस बात को स्वीकार करना चाहिए की मुंह शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है जिसकी देखभाल बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर इसमें कुछ भी गड़बड़ होती तो पूरे शरीर पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। मुंह की कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर के देखरेख में ही कोई इलाज़ करें।

FAQ

1. दांतो में सड़न क्यों होता है?

जब हम अपने दांतो की देखभाल ठीक प्रकार से नहीं करते हैं जैसे ठीक से ब्रश न करना, मीठा ज्यादा खाना आदि लापरवाहियां बरतते हैं तो संभावना है की दांतो में सड़न पैदा होने लगेगी।

2. मसूड़ों से खून क्यों आता है?

यदि हम ब्रश करते समय ज्यादा जोर लगाते हैं, तो दांत और मसूड़ों पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है। कमज़ोर मसूड़े होने के कारण भी खून आने की समस्या हो सकती है, इसलिए ब्रश करने के बाद मसूड़ों पर उंगलियों से हल्की-हल्की मालिश करनी चाहिए।

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